छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News
जलप्रलय का अलर्ट या प्रशासन की नाकामी का बहाना? 85 KM/H की रफ्तार से आएगी तबाही!

मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और बस्तर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में 85 किलोमीटर प्रति घंटे की आक्रामक तूफानी हवाओं और भारी वज्रपात का रेड अलर्ट जारी कर पूरे प्रदेश को दहशत में डाल दिया है।
हर साल मानसूनी आपदाओं का अलर्ट जारी होते ही प्रशासनिक दावे पानी भरते नजर आते हैं। नालियों की सफाई के नाम पर हुए करोड़ों के घोटाले और खोखले दावों की पोल अब खुलने ही वाली है। शहर के शहर डूबने की कगार पर खड़े हैं और कागजी तैयारियों में जुटी अफसरशाही बस बादलों के गुजर जाने का इंतजार कर रही है। जब जनता जलभराव से त्रस्त होगी, तब क्या प्रशासन मौसम की दुहाई देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेगा?
मौसम की यह मार तो सिर्फ एक कुदरती चेतावनी है, लेकिन असली तबाही तो उस प्रशासनिक लापरवाही की देन है जो हर बार जनता को आंसुओं के समंदर में धकेल देती है।




