अमेरिका की नई दादागिरी! रूसी तेल खरीदने पर भारत और चीन पर ठोका 100% टैरिफ बिल!

वाशिंगटन के गलियारों से उठी एक बिल की आग ने नई दिल्ली से लेकर बीजिंग तक के आर्थिक तख्ते को हिला कर रख दिया है! अमेरिकी हाउस ने एक ऐसे कानून को आगे बढ़ाया है जो राष्ट्रपति को रूस से सस्ता कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों—खासकर भारत और चीन—पर 100% तक का तगड़ा टैरिफ ठोकने का कानूनी अधिकार दे देगा।
यह कदम सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता और व्यापारिक आजादी पर हमला माना जा रहा है। अमेरिका अपनी आर्थिक दादागिरी के दम पर भारत और चीन जैसे वैश्विक दिग्गजों की ऊर्जा प्राथमिकताओं को तोड़ना चाहता है। रूस-यूक्रेन संघर्ष और मिडल ईस्ट वॉर के बीच जब पूरी दुनिया कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों और महंगाई से पस्त है, तब अमेरिकी कांग्रेस का यह कदम ग्लोबल ट्रेड में नई ट्रेड-वार की चिंताओं को गहरा कर रहा है। भारतीय और चीनी राजनयिकों के लिए यह अमेरिका का अब तक का सबसे खुला और तीखा आर्थिक अल्टीमेटम है।
सुपरपॉवर बनने का दावा करने वाला अमेरिका अपनी दादागिरी के जोर पर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार को बंधक बनाना चाहता है, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।




