₹2000 से ऊपर UPI पेमेंट पर लगेगा 0.4% चार्ज, अमेरिकी दबाव में सरेंडर कर गई सरकार?

देश के आम मध्यम वर्ग और व्यापारियों की जेब पर सीधे डाका डालते हुए ₹2000 से ज्यादा के UPI पेमेंट्स पर 0.4% शुल्क थोपने का फरमान जारी कर दिया गया है। इसके बाद पूरे देश में हाहाकार मच गया है और सरकार सीधे कटघरे में खड़ी है।
डिजिटल इंडिया का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार के इस फैसले ने विपक्ष को आक्रामक होने का मौका दे दिया है। विपक्षी दलों ने सीधा आरोप दागा है कि अमेरिका के वीज़ा और मास्टरकार्ड कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं। व्यापारी संगठनों का कहना है कि 0.4% का यह टैक्स छोटे कारोबारियों का गला घोंटने जैसा है। जहां एक तरफ जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं अब अपनी ही गाढ़ी कमाई को डिजिटल तरीके से ट्रांसफर करने के लिए टैक्स देना पड़ेगा।
जनता के पैसे पर डाका डालकर विदेशी कंपनियों की तिजोरियां भरने का यह खेल अब देश के डिजिटल रिवोल्यूशन पर सबसे बड़ा धब्बा बन चुका है।



