मध्य पूर्व में सीक्रेट मीटिंग का महा-ड्रमा! सऊदी अरब का इजरायल को ठेंगा

इजरायली मीडिया का यह झूठा दावा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है कि सऊदी अरब और इजरायल के बीच कोई गुप्त बातचीत हुई है। 30 सितंबर को रियाद ने कड़ा रुख अपनाते हुए इजरायली प्रधानमंत्री की संयुक्त अरब अमीरात यात्रा के दौरान किसी भी गुप्त बैठक की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। झूठी खबरें फैलाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर माहौल बनाने वाले देशों के लिए यह बहुत बड़ा सबक है।
इजरायली दुष्प्रचार का पर्दाफाश करते हुए सऊदी अधिकारियों ने साफ कर दिया कि पर्दे के पीछे से कोई साठगांठ नहीं चल रही है। मिडिल ईस्ट में चल रही खींचतान और तनाव के बीच इस तरह की फर्जी खबरें फैलाकर रणनीतिक बढ़त लेने की कोशिश की जा रही थी। रियाद के इस कड़े रुख से साफ हो गया है कि अरब देश अब किसी दबाव या मीडिया गेम के सामने नहीं झुकने वाले। वैश्विक कूटनीति के इस दौर में भारत ने भी हमेशा पारदर्शिता और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा है। भारत का खाड़ी देशों और इजरायल दोनों के साथ एक स्वतंत्र और मजबूत रिश्ता है, जिसे कोई भी गुटबाजी या फर्जी अफवाहें हिला नहीं सकतीं।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि झूठ के बुनियाद पर बनाई गई कूटनीति ज्यादा देर नहीं टिकती। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि कैसे भारत की सीधी और ठोस विदेश नीति ही ऐसे जटिल संकटों में संतुलन बनाती है।
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