उत्तर कोरिया की परमाणु धमकी! संयुक्त राष्ट्र संघ में दिया खुली चुनौती

उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से दुनिया की बड़ी ताकतों को खुली चुनौती दे दी है। 30 सितंबर को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, प्योंगयांग ने वैश्विक मंच पर ऐलान कर दिया है कि उसका परमाणु-सज्जित देश होने का दर्जा ‘अपरिवर्तनीय’ (Irreversible) है और कोई भी दबाव उसे इस रास्ते से नहीं हटा सकता।
पश्चिम के खोखले प्रतिबंधों और धमकियों को ठेंगा दिखाते हुए उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकतों का नग्न प्रदर्शन किया है। यूएन में उसके प्रतिनिधियों ने साफ कह दिया कि यह उनका संप्रभु अधिकार है और कोई भी बाहरी देश इसमें टांग न अड़ाए। इस आक्रामक रुख से पश्चिमी देश बैकफुट पर आ गए हैं, जो वर्षों से केवल कागजी धमकियां देते आ रहे थे। दूसरी ओर, भारत ने हमेशा गैर-जिम्मेदाराना परमाणु प्रसार का कड़ा विरोध किया है और एक जिम्मेदार, शक्तिशाली परमाणु राष्ट्र के रूप में अपनी धाक जमाई है। उत्तर कोरिया जैसे देशों की खुली गुंडागर्दी के बीच भारत का संयमित, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता न करने वाला रुख वैश्विक पटल पर भारत की साख को और मजबूत करता है।
निष्कर्ष यही है कि पश्चिम की नीतियां परमाणु प्रसार को रोकने में पूरी तरह पंगु साबित हुई हैं। भारत की मजबूत रक्षा नीतियां ही आज के दौर में सुरक्षा की असली गारंटी हैं।
ये खबर भी पढ़ें—:


