दिवाली के ऐन पहले होने जा रही छत्तीसगढ़ कैबिनेट की अहम बैठक को लेकर प्रदेशभर का माहौल गरमा गया है। लाखों शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें इस बैठक पर टिक गई हैं। कर्मचारियों को आस है कि सरकार इस बार उनकी लंबित मांगों पर मुहर लगाकर दिवाली का बड़ा तोहफा दे सकती है।
इसी बीच, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा की अगुवाई में उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पुरजोर मांग रखी कि प्रदेश के शासकीय सेवकों और पेंशनरों को 1 जनवरी 2026 की स्थिति से देय 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) जल्द से जल्द स्वीकृत किया जाए। गौरतलब है कि राज्य के कर्मचारी लंबे समय से केंद्र के समान डीए की मांग कर रहे हैं और कई अन्य प्रमुख मांगें भी शासन स्तर पर विचाराधीन हैं।
राज्योत्सव और धान खरीदी पर भी मंथन
कैबिनेट की इस बैठक में केवल कर्मचारियों की मांगें ही नहीं, बल्कि कई बड़े जनहित के फैसले होने के भी पूरे आसार हैं:
- राज्योत्सव 2026 की भव्य तैयारियां: 1 नवंबर से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की रूपरेखा, उद्घाटन सत्र, प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण समारोह और समापन कार्यक्रम के खाके पर अंतिम मुहर लग सकती है।
- धान खरीदी का पूरा रोडमैप: प्रदेश में किसानों से धान की खरीदी 31 जनवरी 2027 तक जारी रहेगी, जिस पर कैबिनेट में अहम निर्देश दिए जा सकते हैं।
पिछली बैठक का संदर्भ: इससे पहले 11 अक्टूबर को आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में सफल 25 वर्ष पूरे होने पर ऐतिहासिक अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया था। अब देखना दिलचस्प होगा कि त्योहारों के इस मौसम में कैबिनेट प्रदेश के कर्मचारियों और आम जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।











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