अल्बानिया की राजधानी तिराना आज सुबह तख्तापलट जैसी हिंसक झड़पों की गवाह बनी, जहां हजारों प्रदर्शनकारी और छात्र सड़कों पर उतर आए। भ्रष्टाचार और सरकार की जनविरोधी नीतियों से नाराज प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय की इमारत में आग लगा दी और कई अन्य सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाया। लगभग 8 घंटे तक चले इस भयानक उपद्रव को रोकने के लिए दंगा पुलिस ने आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का जमकर इस्तेमाल किया। इस हिंसा में दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। यूरोप के दिल में भड़की यह विरोध की आग अब पड़ोसी देशों के लिए भी खतरे की घंटी बन गई है।
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