नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) महिला मोर्चा और महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष आदरणीय ओम बिरला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। बीजेपी सांसदों ने मांग की है कि जेएनयू से बर्खास्त प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमल अकोइजम को संसद सदस्यता से निष्कासित किया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद रूप कुमारी चौधरी, सांसद बांसुरी स्वराज, डी. पुरंदेश्वरी और संध्या राय समेत कई प्रमुख महिला नेता शामिल रहीं।
जेएनयू की आंतरिक समिति (ICC) ने पाया दोषी
प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि नवरात्र के पावन पर्व पर जहां कन्या पूजन का महत्व है, वहीं जेएनयू की 11 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मामला सामने आया है। जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति (Interal Complaints Committee – ICC) ने जांच में सभी आरोपों और तथ्यों को सही पाया, जिसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर बिमल अकोइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
बांसुरी स्वराज ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से चुप हैं। ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का नारा देने वाले राहुल गांधी अब चुप क्यों हैं? कांग्रेस सिद्धांतों की नहीं, बल्कि अपनी सहूलियत की राजनीति करती है।”
11 छात्राओं की बहादुरी और कांग्रेस पर मौन का आरोप
बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और सांसद डी. पुरंदेश्वरी ने छात्राओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि एक ही संस्थान के प्रोफेसर के खिलाफ आवाज उठाने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है।
उन्होंने बताया, “इंटरव्यू में खुद बिमल अकोइजम ने स्वीकार किया था कि उनके खिलाफ केवल 11 नहीं, बल्कि 15 शिकायतें थीं। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी ने उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। जो कांग्रेस ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देती है, वही आज इस मामले पर चुप्पी साधे हुए आरोपी को संरक्षण दे रही है।”
इसके अलावा, बीजेपी सांसदों ने आरोप लगाया कि महिला कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस मीडिया कोऑर्डिनेटर संजीव सिंह ने महिला कार्यकर्ताओं और महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
राष्ट्रपति से लेकर महिला आयोग तक उठाई गई आवाज
बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रूप कुमारी चौधरी ने बताया कि पीड़ित छात्राओं को न्याय और सुरक्षा दिलाने के लिए बीजेपी का यह अभियान लगातार जारी है:
- 10-12 अक्टूबर: देशभर में और दिल्ली की सड़कों पर बीजेपी महिला मोर्चा का विरोध प्रदर्शन।
- 13 अक्टूबर: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को ज्ञापन सौंपकर छात्राओं की सुरक्षा की गुहार लगाई गई।
- 14 अक्टूबर: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर से मुलाकात की गई।
- आज: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ज्ञापन देकर आरोपी सांसद पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
‘सड़क से संसद तक जारी रहेगी न्याय की लड़ाई’
रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि गुरु-शिष्य की पवित्र परंपरा को कलंकित करने वाले व्यक्ति को लोकतंत्र के सबसे पवित्र मंदिर (संसद) में बैठने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी महिला मोर्चा उन 11 बेटियों के सम्मान, न्याय और सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।



