उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के घाव एक बार फिर हरे हो गए हैं। बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे लाचार माता-पिता को जब पुलिस ने हिरासत में लिया, तो पूरे देश में जनआक्रोश का ज्वालामुखी फूट पड़ा।
विवाद उस समय और ज्यादा भड़क गया जब दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा हुई। इस नियुक्ति के विरोध में और न्याय की मांग को लेकर अंकिता भंडारी के बुजुर्ग माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए। लेकिन आधी रात को दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना की खबर फैलते ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। कांग्रेस पार्टी और अन्य सामाजिक संगठनों ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि VIP दोषियों को बचाने और सवाल उठाने वालों को जेल भेजने की साजिश रची जा रही है।
बेटी के इंसाफ की लड़ाई में रोड़े अटकाना और पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करना यह साफ दर्शाता है कि सत्ता का घमंड किस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है।
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