पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते गैंगस्टरवाद और नशे की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब बीजेपी के वरिष्ठ नेता केवल सिंह ढिल्लों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और राज्य में ‘जंगलराज’ जैसा माहौल है।
एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर झोटा की हत्या पर सीबीआई जांच की मांग
केवल सिंह ढिल्लों ने हाल ही में मानसा में हुई एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि परमिंदर झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, लेकिन सरेआम केमिस्ट की दुकान के बाहर गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी गई।
- आरोप: मृतक के पिता के बयानों का हवाला देते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि यह हत्या स्थानीय आप (AAP) विधायक की शह पर हुई है।
- सीबीआई जांच: उन्होंने कहा कि हमें पंजाब पुलिस या राज्य सरकार पर कोई भरोसा नहीं है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखकर सीबीआई (CBI) जांच की मांग की गई है।
15 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा गया पुलिसकर्मी, सरकार पर मिलीभगत का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने पंजाब में पुलिस और ड्रग माफिया के गठजोड़ पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वीआईपी काफिले की ड्यूटी में तैनात पंजाब पुलिस के एक कर्मचारी को हाल ही में बीएसएफ (BSF) ने 15 किलोग्राम हेरोइन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे, तो राज्य में जनता कैसे सुरक्षित रहेगी? ढिल्लों ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, जिनके पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है, वह राज्य को संभालने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
अपराध और हत्याओं की सूची: “सुबह उठते ही गोलियों की खबर मिलती है”
पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति का ब्योरा देते हुए उन्होंने हाल की घटनाओं का जिक्र किया:
- पुलिसकर्मियों पर हमले: वर्ष 2026 में अब तक 6 पुलिसकर्मियों की गोलियां मारकर हत्या की जा चुकी है।
- मशहूर हस्तियों और नेताओं पर हमले: सिद्धू मूसेवाला, कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबिया, गुरविंदर सिंह और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्याएं इसका उदाहरण हैं।
- सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले: मोहाली और अजनाला पुलिस स्टेशनों पर आरपीजी (RPG) व ग्रेनेड से हमले किए गए।
- व्यापारियों से रंगदारी: गैंगस्टरवाद के कारण व्यापारी वर्ग पंजाब से पलायन कर रहा है।
“पंजाब में अब कोई सुरक्षित नहीं है। लोग इतने डरे हुए हैं कि अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के बोर्ड लगा रहे हैं, ताकि उनके बच्चे नशे और अपराध के साए से दूर रह सकें।”
— केवल सिंह ढिल्लों (बीजेपी नेता)
31 मार्च 2029 तक पंजाब को ‘नशा मुक्त’ करने का संकल्प
बीजेपी नेता ने बताया कि पार्टी ने पूरे पंजाब की 117 विधानसभाओं में नशे के खिलाफ एक विशाल यात्रा निकाली थी, जिसका समापन जालंधर में हुआ। इस जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा था कि अगर पंजाब से नशे को कोई जड़ से उखाड़ सकता है, तो वह केवल भारतीय जनता पार्टी है।
बीजेपी ने पंजाब को नशा और गैंगस्टरवाद से मुक्त करने के लिए 31 मार्च 2029 का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां अपराध और डाकुओं का सफाया किया गया, उसी तरह पंजाब में भी बीजेपी सरकार बनते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय संकट और बिजली कटौती से हर वर्ग परेशान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के अन्य मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया:
- कर्ज का बोझ: पिछले पौने 4 सालों में पंजाब पर कर्ज बढ़कर लगभग ₹5 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
- इंडस्ट्री का पलायन: कोयले की सही प्लानिंग न होने के कारण उद्योगों को 10 से 12 घंटे की पावर कट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इंडस्ट्री पंजाब छोड़ रही है।
- कर्मचारियों की हड़ताल: सरकारी कर्मचारियों को बकाया डीए (DA) नहीं मिल रहा है।
- किसानों की बदहाली: धान की फसल मंडियों में जलभराव के कारण पानी में तैर रही है, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
ये खबर भी पढ़ें —:






