होर्डिंग कर अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स पर होगी कार्यवाही

अम्बिकापुर

कलेक्टर संजीव कुमार झा ने कहा है कि किसानों को उर्वरक  की पर्याप्त मात्रा और निर्धारित दर पर उपलब्ध कराएं। उर्वरक की होर्डिंग कर ऊंचे कीमत पर बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेलर्स पर उपभोक्ता नियम के अनुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने यह निर्देश बुधवार को आयोजित समय सीमा की ऑनलाइन बैठक में कृषिए मार्कफेड और राजस्व विभाग के अधिकारियो को दिये।


कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित कर जिले के निजी उर्वरक ट्रेडर्स का निरीक्षण करे। निरीक्षण के दौरान सभी प्रकार के उर्वरक के भंडारण और विक्रय का  भौतिक सत्यापन करे। प्रतिदिन उवर्क का ओपनिंग और क्लोजिंग बैलेंस की सत्यता जांचे। उन्होंने कहा कि सभी ट्रेडर्स को प्रत्येक उर्वरक की दर सूची दुकान में चस्पा करना होगा तथा रजिस्टर संधारित कर प्रतिदिन विक्रय की गई उर्वरक की प्रविष्टि करनी होगी।

रजिस्टर में यह उल्लेख करना होगा कि किस व्यक्ति को कौनसी उर्वरक कितनी मात्रा में कब विक्रय किया गया। खरीदने वाले का पता और  आधार नंबर भी दर्ज करना होगा। तहसीलदार प्रतिदिन प्रत्येक ट्रेडर्स द्वारा बेचे गए कुल उर्वरक की जानकारी हासिल करेंगे।  उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विभाग के निरीक्षण समिति द्वारा निरीक्षण में लापरवाही करने पर उन पर भी कार्यवाही की जाएगी।


बरसात में एनएच में आवागमन बाधित न हो- कलेक्टर ने कहा कि अम्बिकापुर से डांडगांव तक  एनएच में  बरसात में भी आवागमन सुगम हो इसके लिए पैच रिपेरिंग और डामरीकरण तेजी से कराएं। उन्होंने एनएच के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि ठेकेदार से डामरीकरण के कार्य बरसात से पहले पूरा कराएं।

मनरेगा में कम श्रमिक नियोजन पर फटकार.-कलेक्टर ने मनरेगा के कार्यों में कम श्रमिको के नियोजन पर जनपद सीईओ और पीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रो में  अधिक से अधिक श्रमिको को रोजगार उपलब्ध कराना ही  मनरेगा का उद्देश्य है और ग्रीष्म ऋतु में भी कम श्रमिको की उपस्थिति का मतलब मैदानी स्तर पर मॉनिटरिंग की कमी है।

उन्होंने सभी जनपदों में अधिक से अधिक मजदूरो को रोजगार देने के निर्देश दिए।प्रत्येक गोठान का क्षमता आकलन करें-कलेक्टर ने  गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक गोठान में गोबर खरीदी और वर्मी खाद निर्माण की क्षमता का आकलन करें  ताकि उसके अनुसार बरसात में वर्मी खाद निर्माण और विक्रय की रणनीति तैयार किया जा सके।

उन्होंने राम वनगमन पर्यटन परिपथ अंतर्गत  उदयपुर, महेशपुर, मैनपाट, मंगलेरगढ़  तथा महारानीपुर में सड़क में दोनों ओर वृक्षारोपण की तैयारी करने के निर्देश दिए।बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह, सहायक कलेक्टर सुश्री श्वेता सुमन, अपर कलेक्टर एएल धु्रव सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी ऑनलाइन जुड़े थे।

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