अब चुनावी जागरूकता में एआई की एंट्री, मतदाताओं को जागरूक करेगा डिजिटल कैंपेन

आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय निर्वाचन आयोग ने इस बार जागरूकता अभियान में टेक्नोलॉजी का नया तड़का लगाने की तैयारी कर ली है। तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी समेत चार राज्यों में होने वाले चुनावों के दौरान मतदाताओं को जागरूक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने मीडिया एजेंसियों, क्रिएटिव प्रोफेशनल्स और आम लोगों को एआई आधारित अवेयरनेस वीडियो तैयार करने के लिए आमंत्रित किया है। इन वीडियो में ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली, नैतिक मतदान, और बिना किसी दबाव या प्रलोभन के मतदान करने के महत्व को सरल और संवादात्मक अंदाज में समझाया जाएगा।
यह पूरा अभियान ‘स्वीप’ (सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) कार्यक्रम के तहत संचालित होगा, जो मतदाता संपर्क का सबसे बड़ा मंच है। अब तक इस अभियान में लघु फिल्में, जिंगल और विज्ञापन शामिल होते रहे हैं, लेकिन पहली बार आयोग ने आधिकारिक रूप से एआई तकनीक को शामिल किया है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी वीडियो पूरी तरह गैर-राजनीतिक, निष्पक्ष और भेदभाव रहित होने चाहिए। वीडियो तमिल या अंग्रेजी में बनाए जा सकते हैं, जबकि तमिल वीडियो में अंग्रेजी सबटाइटल अनिवार्य होंगे। हर स्वीकृत प्रोजेक्ट को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
एआई आधारित कंटेंट के साथ-साथ सेलिब्रिटी अपील वाले जागरूकता वीडियो भी जारी किए जाएंगे। तैयार वीडियो को सिनेमा हॉल, टीवी चैनल और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जाएगा।
चुनाव अधिकारियों का मानना है कि एआई के जरिए तैयार संदेश ज्यादा प्रभावशाली और आकर्षक होंगे, जिससे मतदाता जागरूकता बढ़ेगी और निष्पक्ष मतदान को बढ़ावा मिलेगा।



