बांग्लादेश बना ‘नॉन फैमिली पोस्टिंग’, भारतीय राजनयिकों के परिवारों की वापसी

भारत ने बांग्लादेश को ‘नॉन फैमिली’ यानी बिना परिवार वाली राजनयिक तैनाती श्रेणी में शामिल करने का फ़ैसला किया है। इस निर्णय के तहत अब बांग्लादेश में तैनात भारतीय राजनयिक और अधिकारी अपने पति या पत्नी तथा बच्चों को साथ नहीं रख सकेंगे।
सूत्रों के मुताबिक़ यह व्यवस्था 1 जनवरी से लागू हो चुकी है। इसके बाद बांग्लादेश में कार्यरत भारतीय अधिकारियों को सूचित किया गया कि उनके परिवारों को तय समयसीमा के भीतर भारत लौटना होगा। जिन अधिकारियों के बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे, उन्हें कुछ अतिरिक्त दिन की मोहलत दी गई।
नतीजतन ढाका, चटगांव, खुलना, सिलहट और राजशाही स्थित भारतीय मिशनों में तैनात अधिकारियों के परिवारों को बहुत कम नोटिस पर भारत लौटना पड़ा। विदेश मंत्रालय की ओर से इस फ़ैसले पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन साउथ ब्लॉक के कई सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है।
भारत के पूर्व उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती का मानना है कि यह क़दम बांग्लादेश में आगामी आम चुनावों से पहले संभावित सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए उठाया गया है। उनका कहना है कि चुनावी माहौल में हिंसा की आशंका के मद्देनज़र राजनयिकों के परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एहतियाती फ़ैसला हो सकता है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालात सामान्य होने और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस नीति की समीक्षा की जा सकती है।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक सुरक्षा को लेकर तनाव भी देखने को मिला है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को तलब किया है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में संवेदनशीलता और बढ़ी है।




