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वोटर लिस्ट में घपले का बड़ा खुलासा, कांग्रेस का BJP पर सीधा हमला – दो विधायकों के नाम दो-दो सीटों में!

रायपुर। देशभर में मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गया है। छत्तीसगढ़ में बुधवार को कांग्रेस ने एक बड़ा दावा करते हुए भाजपा के दो विधायकों पर “वोटर डुप्लिकेशन” का गंभीर आरोप लगाया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, विधायक कुलदीप जुनेजा और कांग्रेस नेता गिरीश दुबे ने दस्तावेज़ों के साथ दावा किया कि भाजपा विधायक राजेश मूणत और संपत अग्रवाल के नाम दो-दो विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में दर्ज हैं।

मूणत का नाम दो सीटों पर – रायपुर उत्तर और पश्चिम में वोटर!

कांग्रेस का आरोप है कि पूर्व मंत्री और रायपुर पश्चिम से भाजपा विधायक राजेश मूणत, रायपुर उत्तर की मतदाता सूची में भी वोटर हैं। विकास उपाध्याय ने दस्तावेज़ जारी कर कहा,

“यह स्पष्ट रूप से लोकतंत्र के साथ धोखा है। एक ही व्यक्ति दो सीटों पर कैसे वोटर हो सकता है?”

कांग्रेस ने मूणत का निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की है।

बसना विधायक संपत अग्रवाल और उनके परिवार पर भी आरोप

विकास उपाध्याय ने आगे बताया कि बसना विधायक संपत अग्रवाल का नाम भी रायपुर दक्षिण और बसना दोनों विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में मौजूद है। इतना ही नहीं, उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी दोनों क्षेत्रों में दर्ज हैं।

18 सीटों पर कांग्रेस को गड़बड़ी की आशंका

कांग्रेस का दावा है कि यह सिर्फ दो नेताओं तक सीमित मामला नहीं है। पार्टी ने कहा कि चुनाव में 15,000 से कम वोटों के अंतर वाली 18 विधानसभा सीटों पर गड़बड़ी की आशंका है।
विकास उपाध्याय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से साक्ष्य दिखाए और सीधे भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाया।

निर्वाचन आयोग में होगी शिकायत

कांग्रेस ने साफ किया है कि वह जल्द ही इस पूरे मामले को लेकर निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएगी। रायपुर जिला कांग्रेस के पदाधिकारी आयोग के समक्ष राजेश मूणत और संपत अग्रवाल के खिलाफ दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।

कांग्रेस का आरोप – यह लोकतंत्र की चोरी है

विकास उपाध्याय ने कहा,

“अगर ऐसे दोहरे नाम रखने वाले विधायक सदन में बैठे हैं तो यह जनादेश का अपमान है। भाजपा जानबूझकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सेंध लगा रही है।”

अब सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इस गंभीर मामले पर कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?

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