बिहान योजना से बदली जिंदगी: गृहिणी से सफल व्यवसायी बनीं रेणुबाला

रायपुर। सामाजिक परिवेश में लंबे समय तक गृहिणी की भूमिका तक सीमित रहने वाली महिलाएं अब अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर सफल व्यवसायी के रूप में पहचान बना रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के जरिए महिलाओं को सामूहिक मंच और आर्थिक मजबूती का अवसर मिला है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत कटगोड़ी की रेणुबाला जायसवाल इसी बदलाव की एक मिसाल बनकर उभरी हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया और आज सफल व्यवसाय संचालित कर रही हैं।
रेणुबाला पहले स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनीं और बाद में सत्यम महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने समूह के माध्यम से बैंक से 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया और कपड़ा दुकान शुरू की। इस प्रयास से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई।
शुरुआत में समूह के छोटे लेन-देन से जुड़ने वाली रेणुबाला को बाद में आरएफ और सीआईएफ मद से 60 हजार रुपये की सहायता मिली। सफल संचालन के बाद बैंक ऋण लेकर उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार दिया। पहले परिवार की वार्षिक आय लगभग 70 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 2 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।
आर्थिक मजबूती के साथ उनके सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया है। अब वे परिवार के महत्वपूर्ण फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं और आसपास के हाट-बाजारों में कपड़ों का व्यवसाय कर रही हैं। उनकी सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है।




