प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के कर्मचारियों, कमजोर वर्गों और अर्थव्यवस्था से जुड़े 3 अहम नीतिगत फैसले लिए गए। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की।
1. रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस
दीपावली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने भारतीय रेल के गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी है।
- लाभांवित कर्मचारी: ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, तकनीशियन और वर्कशॉप स्टाफ समेत कुल 11,72,240 कर्मचारी।
- वित्तीय आवंटन: इस बोनस पर कुल 2,029 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
- उद्देश्य: त्योहारों और कठिन परिस्थितियों में दिन-रात रेल संचालन व रखरखाव संभालने वाले कर्मचारियों के योगदान का सम्मान।
रेलवे भर्तियों पर अपडेट: बैठक में बताया गया कि रेलवे में लगभग 1.65 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 37,000 से अधिक नियुक्तियां हाल ही में पूरी हो चुकी हैं। 2014 से अब तक रेलवे में लगभग 5 लाख युवाओं को पक्की सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
2. प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना: 53,428 करोड़ रुपये का सामाजिक सुरक्षा कवच
देश के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों को मजबूत सहारा देने के लिए केंद्र सरकार ने सोशल सिक्योरिटी नेट का व्यापक विस्तार किया है। यह योजना 2026 से 2031 तक लागू रहेगी।
प्रमुख सुधार और प्रावधान:
- कुल बजट परिव्यय: 53,428 करोड़ रुपये।
- कुल लाभार्थी: लगभग 3 करोड़ 20 लाख लोग।
- दिव्यांगता पेंशन के नियमों में बड़ा बदलाव:
- थ्रेशहोल्ड में कमी: पेंशन के लिए न्यूनतम दिव्यांगता सीमा को 80% से घटाकर 40% कर दिया गया है।
- उम्र सीमा खत्म: पहले यह पेंशन 18 वर्ष से ऊपर के दिव्यांगों को मिलती थी, अब यह जन्म से ही अनुमन्य होगी।
- इस बदलाव से लगभग 27 लाख दिव्यांगजन सीधे लाभान्वित होंगे।
लाभार्थी श्रेणियां:
- वयोवृद्ध (Senior Citizens): लगभग 2.21 करोड़ बुजुर्ग।
- विधवा महिलाएं (Widows): लगभग 67 लाख महिलाएं।
- दिव्यांगजन (PwD): लगभग 27 लाख नागरिक।
- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ (NFBS): परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य (Primary Breadwinner) की असामयिक मृत्यु पर दी जाने वाली 20,000 रुपये की सहायता, जिससे लगभग 39,000 परिवारों को राहत मिलेगी।
3. IDBI बैंक की स्ट्रेटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग और 52,000+ करोड़ रुपये का FDI
देश में एमएसएमई (MSME), स्टार्टअप्स और औद्योगिक इकाइयों को ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आईडीबीआई (IDBI) बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को हरी झंडी दी गई है।
- रणनीतिक साझेदार का चयन: पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत स्ट्रेटेजिक पार्टनर का चयन होगा, जिससे बैंकिंग व वित्तीय सेवा क्षेत्र में 52,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित होने की उम्मीद है।
- सरकार और LIC की हिस्सेदारी: नई पुनर्गठित कंपनी में केंद्र सरकार और एलआईसी (LIC) मिलकर 34% हिस्सेदारी बनाए रखेंगे (जिसमें सरकार की हिस्सेदारी 15% और LIC की हिस्सेदारी 19% रहेगी)।
- नियामकीय अनुपालन: पूरी प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सेबी (SEBI) के मौजूदा नियमों और दिशानिर्देशों के अनुरूप पूरी की जाएगी।
एक नज़र में: कैबिनेट के मुख्य आंकड़े
| योजना / निर्णय | मुख्य बिंदु | कुल बजट / दायरा |
| रेलवे बोनस | 78 दिनों का PLB (दिवाली उपहार) | 2,029 करोड़ रुपये (11.72 लाख कर्मचारी) |
| सामाजिक सुरक्षा योजना | 2026–2031 तक विस्तार (दिव्यांगता सीमा 40%) | 53,428 करोड़ रुपये (3.20 करोड़ लाभार्थी) |
| IDBI पुनर्गठन | रणनीतिक निवेश, सरकार + LIC का 34% स्टेक | 52,000+ करोड़ रुपये का संभावित FDI |




