छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फिर मारी बड़ी छुट, शराब घोटाले में पूर्व अधिकारी को जमानत — क्या सिस्टम बिक चुका है?

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने शराब घोटाले के दो मामलों में पूर्व सीएमओ विभाग के अधिकारी सौम्या चौरासिया को जमानत दे दी है, जिससे राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही लड़ाई में सवाल उठने लगे हैं। सौम्या चौरासिया पर आरोप था कि उन्होंने राज्य की शराब आपूर्ति व्यवस्था में भारी गड़बड़ी कर बीसियों करोड़ का नुकसान कराया। अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि “इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं”, लेकिन पीड़ितों और भ्रष्टाचार-विरोधी संगठनों का कहना है कि यह फैसला न्यायिक संदेश के बजाय संस्थागत कमजोरी दर्शाता है।
इस घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भी की जा चुकी है, जिसमें कई बड़े नाम भी शामिल किए गए थे, और 59 और लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया चुका था, जो मामले को और बड़ा मसला बनाता है। आलोचकों का कहना है कि जमानत से भ्रष्ट अधिकारियों को संकेत मिलेगा कि “ताकतवर लोग बच सकते हैं”, जिससे भ्रष्टाचार में वृद्धि का डर है।
राज्य विपक्ष ने इसे सरकार और प्रशासन के बीच सांठगांठ करार देते हुए कहा है कि चुनाव से पहले ऐसे फैसले लोकतंत्र के लिए खतरनाक संदेश भेजते हैं।




