वीर बाल दिवस पर मुख्यमंत्री का नमन, गुरुद्वारे में साहिबजादों की शहादत को किया स्मरण

रायपुर। वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित रेलवे स्टेशन गुरुद्वारे पहुंचे और साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए मत्था टेका। उन्होंने कहा कि प्रथम गुरु गुरु नानक देव से लेकर दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह तक सिख गुरुओं और उनके परिवारों ने देश और धर्म की रक्षा के लिए अतुलनीय बलिदान दिए। भारतीय इतिहास में सिख वीरों का योगदान स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के छोटे पुत्र साहिबजादा फतेह सिंह और साहिबजादा जोरावर सिंह की अद्भुत वीरता और शहादत की याद दिलाता है। बहुत कम उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार किया और धर्म व सत्य की रक्षा के लिए असाधारण साहस दिखाया। उनका जीवन सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान ही सबसे बड़ी शक्ति हैं।
उन्होंने बताया कि सिख समाज की मांग पर राज्य सरकार ने साहिबजादों के बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया है, जिसे कक्षा तीसरी में पढ़ाया जाएगा। इससे आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग और शौर्य से प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन वीर बलिदानों को इतिहास में समुचित स्थान नहीं मिला, उन्हें वीर बाल दिवस के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष सुरेन्दर सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



