चीन का चौंकाने वाला चंद्र मिशन टेस्ट — अमेरिका से पहले चाँद पर इंसानों को भेजने का एलान?

चीन ने अपने Long March-10 लूनर रॉकेट और नए Mengzhou क्रू स्पेसशिप का एक निर्णायक परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे उसकी चाँद पर इंसानों को भेजने की योजना को बड़ा धक्का मिला। यह परीक्षण साबित करता है कि चीन अब मारिन रिकवरी, स्प्लैशडाउन नियंत्रण, और क्रू सेफ्टी एबॉर्ट सिचुएशन्स जैसे जटिल मानवरहित टेस्ट तकनीकों में सक्षम हो रहा है।
ये परीक्षण चीनी मानवयुक्त चंद्र कार्यक्रम के लिए कई ‘पहली बार’ उपलब्धियों का सबूत हैं — उदाहरण के तौर पर कम ऊँचाई उड़ान संतुलन और मारिन रिकवरी मिशन। Long March-10 का फर्स्ट-स्टेज अलग होकर समुद्र में सुरक्षित रूप से वापस लौट आया और Mengzhou कॅप्सूल ने एमरजेंसी एबॉर्ट सिचुएशन को पूरा किया।
चीनी अधिकारियों ने कहा कि यह परीक्षण उनके 2030 तक चंद्र मिशन को साकार करने की योजना का हिस्सा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि चीन का यह प्रोग्राम “खतरनाक रूप से जल्दी और जोखिम भरा” है, विशेषकर तब जब अंतरराष्ट्रीय मानकों पर यह अभी तक मशीनियों तक सीमित है।
अमेरिका आदि अन्य शक्तियाँ पहले से ही मानवरहित और मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशनों में आगे हैं, लेकिन चीन के इस प्रगति से स्पेस रेस में नया तनाव उत्पन्न हुआ है। कई वैज्ञानिकों ने सवाल उठाया है कि क्या यह तेज़ प्रगति सुरक्षा और परीक्षण की गुणवत्ता को प्रभावित करेगी।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्पेस प्रतिस्पर्धा और वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है।




