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कोयले की आंच में झुलसे कांग्रेसी नेता: रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड, ईओडब्ल्यू का बड़ा शिकंजा!

छत्तीसगढ़ के चर्चित और बहु-करोड़पति कोयला घोटाले (Coal Scam) में राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक और बेहद बड़ा कदम उठाया है। 10 जुलाई 2026 को रायपुर की विशेष अदालत ने कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को बड़ी राहत न देते हुए 17 जुलाई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी ने अदालत से लगभग 14 दिनों की पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन दोनों पक्षों की तीखी दलीलों और मेडिकल ग्राउंड्स को सुनने के बाद अदालत ने उन्हें 9 दिनों (17 जुलाई तक) की कस्टडी में सौंपने का फैसला सुनाया।

अग्रवाल के वकील फैजल रिजवी ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल लगातार खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे थे, जिसके कारण वे पूर्व में जारी किए गए समन पर उपस्थित नहीं हो पाए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही उन्हें नया नोटिस मिला और उनका स्वास्थ्य थोड़ा सुधरा, उन्होंने तुरंत जांच एजेंसी का सहयोग किया। हालांकि, जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे कोयला लेवी घोटाले की कड़ियों को जोड़ने के लिए अग्रवाल से आमने-सामने पूछताछ करना बेहद जरूरी है। ईडी (ED) द्वारा दर्ज की गई शुरुआती एफआईआर और इनपुट्स के आधार पर ही 2024 में छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू ने इस मामले में केस रजिस्टर किया था, जिसके बाद से लगातार गिरफ्तारियों और पूछताछ का सिलसिला जारी है।

इस घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में एक बार फिर भूचाल आ गया है। विपक्ष जहां इसे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बता रहा है, वहीं सत्तापक्ष का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है। आने वाले 9 दिनों में रामगोपाल अग्रवाल से होने वाली पूछताछ में कई और बड़े नामों और वित्तीय लेन-देन के राज फाश होने की उम्मीद है।

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