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छग में शुरू हुई वनदे भारत ट्रेन को लेकर इसलिए हो रहा है विवाद

वनदे भारत ट्रेन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 11 दिसंबर से वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत हो चुकी है। यह वन्दे भारत एक्सप्रेस प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर से नागपुर तक चलेगी। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारम्भ किया है। इस ट्रेन को भारत की आधुनिक और सुविधजानक ट्रेनों की संज्ञा दी जाती है।
बात अगर हमारे प्रदेश की करें तो छत्तीसगढ़ में यह ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी दावा है कि इसकी रफ़्तार और भी बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल इस ट्रेन को सप्ताह के 6 दिन चलाने की योजना है।

इस ट्रेन में एक बार में एक ट्रेन में 1128 यात्री सफर कर सकते हैं। सभी कोच में औटोमेटिक डोर लगे होते हैं। इसमें मेट्रो रेल की तरह जीपीएस आधारित ऑडियो विसुअल सूचना प्रणाली होती हैं। इसमें मनोरंजन, वाईफाई, आरामदायक कुर्सियां लगी होती हैं। बायो वैक्यूम टॉयलेट, साइड रिक्लाइनर की सुविधा दी गई है। बिना लोकोमोटिव इंजन के यह ट्रेन कम स्टेशनों पर रुकेगी।

जहाँ तक इसके टिकट की बात है तो इस ट्रेन में चेयरकार का बिलासपुर से नागपुर तक का किराया 1070 रुपये है जो AC II के बराबर है। वहीं एग्जीक्यूटिव क्लास में बिलासपुर से नागपुर तक सफर तय करने के लिए यात्रियों को 2045 रुपये चुकाने होंगे। ट्रेन में बिलासपुर से रायपुर तक चेयरकार के लिए 470 और एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 905 रुपये की टिकट होगी। बिलासपुर से दुर्ग के लिए 635 रुपए और 1155 रुपए, बिलासपुर से राजनांदगांव के लिए 690 और 1265, बिलासपुर से गोंदिया के लिए 865 और 1620 रुपये खर्च करने होंगे। दावा है की इस एक्सप्रेस में मिलने जा रही सुविधाओं के मद्देनज़र यह किराया तय किया गया है।

अब जब इतनी सर्वसुविधायुक्त ट्रेन हमारे प्रदेश में है तो आखिर इसपर सियासत क्यों हो रही है ? तो चलिए हम आपको बताते हैं दरअसल प्रदेश कांग्रेस ने इस ट्रेन पर नहीं बल्कि इसकी एवज में वसूले जा रहे किराए पर सवाल उठाया है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक ट्रेन में जितना किराया तय किया गया है वो आम आदमी की जेब में डाका है।भूपेश सरकार में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने बयान दिया है कि केन्द्र सरकार लोकल ट्रेन बंद कर आम जनता को की जेब से मोटी रकम वसूल करने की योजना बना रही है। बिलासपुर से नागपुर तक का किराया कम से कम 1075 और अधिकतम 2045 रुपये रखा गया है। अब इसी किराये को लेकर नई राजनीति शुरू हो गई है।

कांग्रेस के मुताबिक भारतीय रेलवे बिलासपुर से नागपुर तक कम से कम 5.40 घंटे में पहुंचाने का दावा करती है। ट्रेन का अधिकतम समय 8.35 घंटे है। वंदे भारत ट्रेन के जब पहुंचने का टाइम इतना ज्यादा है तो फिर किराया तीन गुना ज्यादा क्यों रखा गया है? वहीं कांग्रेस ने इस विषय पर बीजेपी को भी घेरा है और उसके निशाने पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय आ गए दरअसल संतोष पांडेय ने ही केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इन ट्रेनों का छग में स्टॉपेज बढ़ाने की मांग की थी।

कांग्रेस ने कहा कि नई ट्रेन से वाहवाही करने वाले सांसद से यह भी पूछना चाहिए जब ट्रेन रद्द होती है। लोग प्लेटफॉर्म पर सोने के लिए मजबूर होते हैं तब सांसद कहां रहते हैं। मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- वंदे भारत ट्रेन का प्रदेश में जगह-जगह स्वागत हो रहा है यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बीजेपी विधायक और सांसद नई ट्रेन के स्वागत की जिम्मेदारी ले रहे हैं। उसी तरह ट्रेनों के कैंसिल होने पर भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। फ़िलहाल देखना होगा कि वन्दे भारत एक्सप्रेस पर जारी सियासत कहाँ तक जाती है वैसे आप वन्दे भारत ट्रेनों पर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवाल से कितना सहमत हैं ? क्या आपको लगता है कि सुविधाओं के लिहाज़ से इसका किराया वाजिब है या फिर इसमें कटौती करनी चाहिए ? क्या आप वन्दे भारत एक्सप्रेस में सफर करना पसंद करेंगे

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