भारत जैसे देशों को रहना होगा सतर्क, विश्वबैंक की चेतावनी

  • विश्व बैंक की एक शीर्ष अधिकारी ने भारत जैसे विकासशील देशों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विश्व बैंक की सीईओ क्रिस्टलीना जार्जियेवा ने कहा कि विकासशील देशों को आने वाले समय में वित्तीय बाजारों में उठापटक की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. इसके लिए उन्‍होंने इन देशों को कर्ज प्रबंधन दुरुस्त रखने और आर्थिक सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है.  जार्जियेवा ने कहा कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि की दर 2019 में 3 फीसदी से घटकर 2.9 फीसदी रहने का अनुमान है. हालांकि, यह अभी भी अच्छा प्रदर्शन कहा जाएगा.

 

  • किसी भी देश का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें इंटरनेशनल ट्रेडिंग और मैन्‍युफैचरिंग गतिविधियों में कठिनाइयां उत्पन्न होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं.’’क्रिस्टलीना ने कहा कि आज के अधिक चुनौती भरे परिवेश में उभरते बाजारों के लिए यह जरूरी है कि वह आर्थिक क्षेत्र में संभावित उठापटक से निपटने के लिए तैयार रहें. उन्हें इस स्थिति से निपटने के लिए राजकोषीय और मौद्रिक क्षेत्र में नीतियों को तैयार रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की सरकारों को अपने कर्ज प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान देना होगा. खासतौर से उन देशों को जहां यह पहले से ही गंभीर चिंता बनी हुई है.
  • उन्होंने कहा, ”उधार लिए गए धन का इस्तेमाल विकास कार्यों में करने की जरूरत है, इसके साथ ही इसका उपयोग उत्पादक कार्यों में होना चाहिए.  इन देशों को अपने कर्जदाताओं के साथ कर्ज देने के काम में पारदर्शिता और निरंतरता पर काम करना चाहिए. ” बता दें कि विश्व बैंक के अध्यक्ष जिम यांग किम के 1 फरवरी को इस अंतरराष्ट्रीय वित्त संस्थान से विदा लेने के बाद जार्जियेवा ही विश्व बैंक की अंतरिम अध्यक्ष होंगी.

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