ईरान में मौतों का सिलसिला जारी, अमेरिका ने उठाया ये बड़ा कदम

13 जनवरी 2026 को ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चिंता और अमेरिकी चेतावनी ने वैश्विक राजनीति को हिला दिया है। देश भर में सरकार विरोधियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष का क्रम जारी है, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ती दिख रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अमेरिका ने अपने नागरिकों को ‘बिना देरी किए’ ईरान छोड़ने का सख्त निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया कि मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का गंभीर खतरा है। यह चेतावनी अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दी, क्योंकि ईरान में पिछले दो हफ्तों के प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की बैठक में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौतों और हजारों की गिरफ़्तारी की खबरें सामने आई हैं।
यह सामाजिक और राजनीतिक अशांति इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच हो रही है, जिसमें ईरानी सरकार ने मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जो आम जनता और पत्रकारों के लिए संचार और खबरों के आदान-प्रदान को बेहद मुश्किल बना रहा है। इस वजह से प्रदर्शनकारियों की संख्या और पोलिस की प्रतिक्रिया का वास्तविक डेटा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे अफवाहें और भड़काऊ बयान दोनों तेजी से फैल रहे हैं।
ईरान की सरकार ने विरोध को कमतर दिखाने और “विरोधियों को नियंत्रित” करने के अपने कदम को एक सुरक्षा उपाय के रूप में बताया है। लेकिन विदेशी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं, बैंकों का संचालन प्रभावित हुआ है और सामाजिक जीवन धराशायी होता दिख रहा है। अमेरिका के अलावा यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने ईरान को शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति देने और मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
यह विवाद केवल ईरान की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे सूचना प्रतिबंध, नागरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति एक साथ उभरते संकट को जन्म दे रहे हैं।


