गृह विभाग के बजट पर मंथन तेज, 2026–27 की तैयारी शुरू

रायपुर। राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के तीसरे बजट की तैयारियों को रफ्तार दे दी है। इसी क्रम में गृह विभाग के बजट को लेकर मंत्रालय में सोमवार को उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभाग से जुड़े सभी प्रमुख इकाइयों के बजट प्रस्तावों पर गहन मंथन किया गया।
बैठक में पुलिस, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, नगर सेना एवं एसडीआरएफ, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, लोक अभियोजन, राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, सैनिक कल्याण, संपदा संचालनालय, छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज, मेडिको-लीगल संस्थान और राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। सभी इकाइयों से प्राप्त अनुदान प्रस्तावों पर बिंदुवार चर्चा करते हुए प्राथमिकताओं को तय किया गया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बजट निर्माण में मितव्ययता के साथ जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने, आवास व आधारभूत ढांचे के विकास, आपदा प्रबंधन, फॉरेंसिक सुविधाओं के आधुनिकीकरण, जेल सुधार और अभियोजन प्रणाली की मजबूती के लिए पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर परिणामोन्मुखी होना चाहिए, ताकि जनसुरक्षा, त्वरित न्याय और सेवाओं की गुणवत्ता में साफ तौर पर सुधार नजर आए। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, उपकरणों के उन्नयन और मानव संसाधन विकास को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में समन्वय और समयबद्धता पर बल देते हुए कहा गया कि गृह विभाग का बजट राज्य की कानून-व्यवस्था, आपदा तैयारी और न्यायिक प्रणाली को सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। सभी विभागों को तय समय-सीमा में संशोधित और मजबूत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एसीएस मनोज पिंगुआ, डीजीपी अरुण कुमार गौतम, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




