डिजिटल टोकन से बदली धान खरीदी की तस्वीर, किसानों को मिल रही पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था

रायपुर। प्रदेश के धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू की गई पारदर्शी और डिजिटल व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। डिजिटल टोकन प्रणाली ने धान विक्रय को आसान, तेज और भरोसेमंद बना दिया है, जिससे किसानों का समय, श्रम और अनावश्यक खर्च कम हुआ है।
अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुडेसा निवासी सीमांत किसान ज्ञानेश्वर प्रसाद वैष्णव बताते हैं कि इस साल उनकी फसल बेहतर रही। कुल 45.60 क्विंटल धान के लिए उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप से घर बैठे ही टोकन प्राप्त किया। डिजिटल व्यवस्था के चलते उन्हें बार-बार उपार्जन केन्द्र के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास जारी हुआ, नमी परीक्षण किया गया और तुरंत बारदाना उपलब्ध कराया गया। पूरी प्रक्रिया सुव्यवस्थित रही और किसी तरह की परेशानी नहीं आई। केन्द्र में पीने के पानी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध रहीं, जिससे किसानों को अनुकूल माहौल मिला।
किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिल रहा है, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। प्राप्त राशि का उपयोग वे गेहूं, तिलहन और सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती में कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। किसान इस पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी व्यवस्था से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।




