
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री चंद्राकर का भाजपा पर काली कमाई के दम पर विधायकों की खऱीद-फऱोख़्त करने के लगाए गए आरोप पर तीखा पलटवार
भाजपा कभी खऱीद-फऱोख़्त में भरोसा नहीं करती, यह पाप करते कांग्रेस के नेता ही झामुमो रिश्वत कांड में रंगे हाथों धरे गए थे और अविश्वास प्रस्ताव पर वोट के बदले नोट देते देखे गए थे!
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद दिग्विजय सिंह के दुर्ग में मीडिया से चर्चा के दौरान भाजपा के पास काली कमाई के बहुत पैसे होने और उसी के दम पर विधायकों की खऱीद-फऱोख़्त करने के लगाए गए आरोप पर तीखा पलटवार कर कहा है कि दरअसल कांग्रेस का जैसा राजनीतिक चरित्र रहा है, कांग्रेस के नेताओं को पीलिया के मरीज़ की तरह चारों ओर पीला-पीला ही नजऱ आता है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि दिग्विजय सिंह भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं, तो ज़ाहिर है कांग्रेस विधायकों के बिकने की बात कर रहे होंगे। दिग्विजय ख़ुद अपनी पारिवारिक विरासत के बारे में बेहतर जानते हैं। पूरी पार्टी ही उनकी बिकाऊ है, ऐसा वे भी स्वीकार कर रहे।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री श्री चंद्राकर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मोतीलाल वोरा भारतीय राजनीति और कांग्रेस में अजातशत्रु की तरह थे और शालीनता, सौम्यता व सहृदयता के प्रताक रहे राजनेता के प्रति शोक व्यक्त करने पहुँचे दिग्विजय सिंह यहां भी घटिया बयानबाज़ी करने से बाज़ नहीं आये, यह दु:खद व शर्मनाक है।
श्री चंद्राकर ने दिग्विजय सिंह को याद दिलाया कि कांग्रेस के नेता किस तरह के घोटालेबाज़ और भ्रष्टाचारी हैं, यह स्व. वोरा जी के संस्मरण में ग़ुलाम नबी आज़ाद ने लिखा ही था कि पर्यवेक्षक बन कर जाने के लिए उन्हें स्व. वोरा के अलावा और कोई ईमानदार नेता नहीं मिला था, यानी शेष सभी बेईमान हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा कभी खऱीद-फऱोख़्त में भरोसा नहीं करती। यह पाप करते हुए कांग्रेस के नेता ही झामुमो रिश्वत कांड में रंगे हाथों धरे गए थे जबकि 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार ने खऱीद-फऱोख़्त करने बजाय सत्ता से अलग होने का फैसला करके राजनीतिक व लोकतांत्रिक शुचिता का एक बेमिसाल अध्याय लिखा था।
इसी तरह अविश्वास प्रस्ताव पर वोट के बदले नोट देते कांग्रेसियों को दुनिया ने देखा था। श्री चंद्राकर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सियासी फि़तरत ही ऐसी रही है कि वद हमेशा आतंकी सरगना की तरह व्यवहार करते हैं।