सुकमा में दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर, 401 लोगों को मिले सहायक उपकरण

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं का असर अब दूरस्थ वन क्षेत्रों तक दिखाई देने लगा है। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सुकमा जिले में तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 401 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। यह शिविर 20 से 22 फरवरी तक शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जहां कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के हितग्राहियों को चिन्हित कर मौके पर ही उपकरण दिए गए।
इस पहल का उद्देश्य केवल उपकरण वितरण नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा। शिविर में विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक कृत्रिम हाथ-पैर और “जयपुर फुट” तैयार कर जरूरतमंदों को दिए गए, जिससे कई लोगों को नई उम्मीद मिली।
इसके अलावा ट्राइसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी और बैसाखी जैसे सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। जिन दिव्यांगजनों को आर्टिफिशियल कैलिपर्स की जरूरत है, उनके माप लेकर आगे वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शिविर के दौरान 213 दिव्यांगजनों से प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन भी लिए गए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि शारीरिक चुनौतियों के कारण कोई भी व्यक्ति अवसरों से वंचित न रहे और सभी को समान अवसर मिल सके।




