जशपुर जिले की बेटियों ने क्रिकेट के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश स्तर पर दोहरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास इचकेला में रहकर पढ़ाई करने वाली 20 बालिका खिलाड़ियों ने अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में सरगुजा जोन को स्वर्ण पदक दिलाकर जिले का गौरव बढ़ाया है।
अंडर-17 में लगातार दूसरी बार चैंपियन
सारंगढ़ में 4 से 7 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में सरगुजा जोन की अंडर-17 बालिका क्रिकेट टीम ने रायपुर, दुर्ग और बस्तर जोन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में बिलासपुर जोन को शिकस्त देकर टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
टीम की कप्तान गायत्री बाई के नेतृत्व में इचकेला छात्रावास की 10 खिलाड़ियों ने जीत में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि टीम ने लगातार दूसरे वर्ष प्रदेश चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है।
अंडर-19 में भी स्वर्ण पदक पर कब्जा
राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सरगुजा जोन की अंडर-19 टीम ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर जोन को हराकर खिताब जीता। इस टीम में भी इचकेला छात्रावास की 10 खिलाड़ी शामिल रहीं। दोनों टीमों की सफलता में प्रशिक्षकों संतोष कुमार और प्रांशु प्रिया धनसो का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पांच-छह साल की मेहनत ने दिलाई कामयाबी
छात्रावास प्रबंधन के मुताबिक, बालिकाएं पिछले पांच-छह वर्षों से नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। पढ़ाई के साथ प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी ने उनकी प्रतिभा को निखारा है। जिला प्रशासन और आदिवासी विकास विभाग के सहयोग से खिलाड़ियों को खेल सामग्री और बेहतर तैयारी के लिए प्रोत्साहन भी मिला।
कलेक्टर रोहित व्यास ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और छात्रावास प्रबंधन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जशपुर की इन बेटियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की बेटियां भी खेल के मैदान में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
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