छत्तीसगढ़ में शिक्षा, रोजगार और कल्याण योजनाओं से तेज़ विकास की राह: मुख्यमंत्री साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक सुधारों के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय जहाँ मेडिकल शिक्षा सीमित थी, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज संचालित होकर युवाओं को विशेषज्ञ शिक्षा के नए अवसर दे रहे हैं।
आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल-आईटी, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे प्रमुख संस्थानों की स्थापना से प्रदेश राष्ट्रीय शैक्षणिक मानचित्र पर मजबूती से उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र—“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास”—का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी सोच के साथ बीते 23 महीनों में हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजनाएँ लागू की गई हैं।
सरकार द्वारा हाल ही में चालू की गई कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, माताओं–बहनों के लिए महतारी वंदन योजना और दूरस्थ इलाकों में शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए शिक्षक युक्तियुक्तकरण जैसे कदमों को महत्वपूर्ण बताया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और लोक सेवा आयोग की परीक्षाएँ पूर्ण पारदर्शिता से आयोजित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।
कार्यक्रम में चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा और सर्व रविदास समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



