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धान छोड़ टमाटर अपनाया, किसान की आय पहुंची लाखों में

रायपुर। टमाटर की खेती अब किसानों के लिए आमदनी का मजबूत जरिया बनती जा रही है। सालभर बाजार में बनी रहने वाली मांग और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से किसान कम लागत में बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों ने पैदावार बढ़ाने के साथ खेती को आसान भी बना दिया है।

राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखंड के ग्राम लाममेटा के किसान त्रवेंद्र साहू ने धान की जगह टमाटर की खेती कर अपनी किस्मत बदल ली। उन्होंने 1.5 एकड़ में मल्चिंग पद्धति से टमाटर की फसल ली, जिससे उन्हें शानदार उत्पादन मिला। अब तक करीब 1000 कैरेट टमाटर की बिक्री हो चुकी है, जिसे नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजनांदगांव और स्थानीय बाजारों में भेजा गया।

किसान ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग किस्मों के टमाटर लगाए, जिनकी बाजार में जबरदस्त मांग रही और अच्छी कीमत भी मिली। टमाटर की तुड़ाई का काम अभी जारी है और मार्च तक पर्याप्त पैदावार मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत उन्हें करीब 2.50 लाख रुपये का अनुदान मिला, जिससे ड्रिप सिस्टम, पौधे, खाद और दवाइयों की व्यवस्था की गई। इस साल टमाटर की बंपर पैदावार से लगभग 10 लाख रुपये की बिक्री हुई, जिसमें करीब 7 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा मिला।

धान के मुकाबले टमाटर की खेती ने न सिर्फ आमदनी बढ़ाई, बल्कि किसान को आर्थिक रूप से मजबूत भी बनाया। शासन की किसान हितैषी योजनाओं और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से अब किसान नवीन तकनीक अपनाकर खेती-किसानी में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं।

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