हवाला हाइवे: रायपुर से गुजरात तक 6.6 करोड़ की काली डिलीवरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर हवाला के गढ़ के रूप में उजागर हुई है। शनिवार सुबह एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में पुलिस ने दो लग्जरी गाड़ियों को कुम्हारी टोल प्लाजा के पास रोककर 500-500 के नोटों से भरे सीक्रेट चेंबर पकड़े। इन गाड़ियों में छिपा था 6 करोड़ 60 लाख रुपये का कैश — डिलीवरी प्वाइंट था गुजरात!
सूत्रों के मुताबिक, इस ऑपरेशन के पीछे था एक प्रोफेशनल हवाला सिंडिकेट, जिसने रायपुर से गुजरात तक करीब 1200 किलोमीटर लंबा सीक्रेट रूट तैयार किया था। डिलीवरी सिस्टम इतना चुस्त था कि टोल प्लाजा, एस्कॉर्ट व्हीकल और ग्रामीण बाईपास का इस्तेमाल कर पूरा नेटवर्क बिना शक के संचालित हो रहा था।
गाड़ियों की तलाशी में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कैश को तीन लेयर वाले खास डिजाइन चेंबर में छिपाया गया था, जिसे पकड़ पाना आम जांच के दौरान लगभग नामुमकिन था। चार आरोपियों — शक्ति सिंह, अल्पेश कुमार, ठाकुर महेश सिंह और वाघेला जुहरू भाई — को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
गाड़ियों में लगाए गए GPS और ड्राइवरों की ट्रेनिंग इस सिंडिकेट के प्रोफेशनल स्तर को दर्शाती है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि पैसे रायपुर के शंकर नगर इलाके से उठाए गए थे और इन्हें गुजरात के किसी बड़े कारोबारी या नेटवर्क को पहुंचाया जाना था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आयकर विभाग को भी जांच में शामिल कर लिया है। इस हवाला नेटवर्क के पीछे किस कारोबारी या लॉबी का हाथ है, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। मगर इस बात की पूरी आशंका है कि ये रकम चुनावी फंडिंग या किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
इससे पहले भी 12 मार्च 2025 को रायपुर में 4.52 करोड़ रुपये कैश बरामद हुआ था, जो इसी तरह के चेंबर से मिला था — वो केस अब तक अनसुलझा है।



