भारत के चालू खाते में बढ़ा घाटा, RBI के ताजा आंकड़ों ने बढ़ाई आर्थिक चर्चा

GDP के मजबूत आंकड़ों के बीच भारत के बाहरी आर्थिक मोर्चे से भी बड़ी खबर सामने आई है। RBI के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत के चालू खाते की स्थिति में बदलाव दर्ज किया गया है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर 4.2 अरब डॉलर, यानी GDP के लगभग 0.5 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसके पीछे कमोडिटी कीमतों और व्यापार घाटे में बढ़ोतरी को प्रमुख कारणों में गिना गया है।
मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट में भी वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि विदेशों में रहने वाले भारतीयों से आने वाली निजी ट्रांसफर और रेमिटेंस में मजबूत बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था को कुछ राहत दी।
यह आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब भारत की GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसलिए एक तरफ घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरी तरफ वैश्विक बाजार, तेल कीमतें और व्यापार घाटा चुनौती बने हुए हैं।
भारत की आर्थिक तस्वीर फिलहाल दो पहलुओं को दिखाती है—घरेलू विकास मजबूत है, लेकिन वैश्विक आर्थिक दबाव और व्यापार घाटे पर नजर रखना जरूरी होगा।
ये खबर भी पढ़ें—:




