भारत-ईयू का मेगा समझौता: 2 अरब लोगों का बाजार, 25% वैश्विक GDP एक मंच पर

नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन ने वैश्विक व्यापार और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में नया अध्याय जोड़ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का ऐलान किया, जिसे पीएम मोदी ने “सभी समझौतों की जननी” बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है, जो वैश्विक GDP का लगभग 25 प्रतिशत और कुल वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे 2 अरब लोगों के विशाल एकीकृत बाजार की नींव करार दिया।
व्यापार के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों को नई मजबूती देते हुए रणनीतिक रक्षा और सुरक्षा साझेदारी (SDP) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के जरिए भारतीय कंपनियों को यूरोपीय संघ के 150 अरब यूरो के ‘SAFE’ रक्षा कार्यक्रम में भागीदारी का रास्ता खुलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन अवसर पर कहा कि यह व्यापार समझौता भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति देगा और रोजगार व निवेश के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इसे लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता का मजबूत प्रतीक बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे जटिल वैश्विक हालात में भारत-ईयू रिश्तों को और गहरा करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और रक्षा सहयोग पर हस्ताक्षर, वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए साझा प्रयासों को नई दिशा देंगे।
सिंह ने लोकतंत्र, बहुलवाद, संघवाद और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों को इस बढ़ती साझेदारी की आधारशिला बताते हुए कहा कि भारत और यूरोपीय संघ मिलकर इन्हें वैश्विक सुरक्षा, सतत विकास और समावेशी समृद्धि में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।




