रायपुर। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरलीन देओल ने रायपुर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय हॉकी अकादमी पहुंचकर युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर अपने क्रिकेट करियर के अनुभव साझा किए और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव तथा छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में हरलीन देओल को अपने बीच पाकर अकादमी के खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी
हरलीन देओल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अकादमी में मिलने वाली खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाना चाहिए। बड़े लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अभ्यास करना सफलता की पहली सीढ़ी है।
उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अपने ऊपर विश्वास रखिए और देश के लिए खेलने का सपना जरूर देखिए। पूरी लगन और मेहनत से लक्ष्य की दिशा में प्रयास करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य, अनुशासन, फिटनेस और निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी है। खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनमें सुधार करने की सलाह भी दी।
जनजातीय क्षेत्रों के खिलाड़ियों को मिली नई प्रेरणा
हॉकी अकादमी में प्रदेश के दूर-दराज और जनजातीय अंचलों से आए प्रतिभाशाली बच्चे भी प्रशिक्षण ले रहे हैं। परिवार से दूर रहकर खेल में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे इन बच्चों के लिए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से मुलाकात यादगार रही।
हरलीन देओल ने उन्हें समझाया कि सीमित संसाधन या भौगोलिक परिस्थितियां बड़े सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। मेहनत, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी खिलाड़ी अपनी मंजिल हासिल कर सकता है।
खिलाड़ियों के साथ खिंचवाई तस्वीरें
कार्यक्रम के दौरान हरलीन देओल ने खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और तस्वीरें भी खिंचवाईं। उनके अनुभवों और मार्गदर्शन से युवा खिलाड़ियों को खेल जीवन में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर खेल अधिकारी शिवराज साहू, हॉकी प्रशिक्षक रश्मि तिर्की, सॉफ्टबॉल प्रशिक्षक टी.एन. रेड्डी सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक मौजूद रहे।
यह पहल छत्तीसगढ़ के उभरते खिलाड़ियों को अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सीखने और भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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