सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर शहीद परिवारों का सम्मान, झंडा निधि के लिए 2 लाख की सहायता

रायपुर। सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में एक गौरवपूर्ण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में जुटे सैनिक निःस्वार्थ भाव से अपना जीवन समर्पित करते हैं, इसलिए उनका सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है। इसी अवसर पर उन्होंने झंडा दिवस निधि हेतु 2 लाख रुपये का सहयोग राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड को प्रदान किया।
समारोह में शहीदों की वीर नारियों, माताओं और आश्रितों को सम्मान राशि व शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। वीरता अलंकरण प्राप्त सैनिकों और झंडा दिवस पर विशेष योगदान देने वाले दानदाताओं को भी सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में रमेन डेका ने बताया कि झंडा दिवस निधि से लगभग 27 कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जो पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को निरंतर सहायता प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के समर्पण को नमन किया और आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह की शुरुआत शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित करने और दो मिनट के मौन से हुई। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश पढ़ा गया और झंडा दिवस निधि के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।
झंडा दिवस पर सबसे अधिक राशि एकत्र करने के लिए कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी अनिल कुमार शर्मा को प्रथम पुरस्कार एवं राज्यपाल ट्रॉफी दी गई, जबकि कलेक्टर दुर्ग अभिजीत सिंह और सैनिक कल्याण अधिकारी दुर्ग को द्वितीय पुरस्कार मिला।
इस अवसर पर राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के ब्रोशर “संक्षेपिका 2025” का विमोचन किया गया तथा एनसीसी कैडेटों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में गृह विभाग, पुलिस प्रशासन और सैन्य विभाग के उच्च अधिकारी, सेवारत एवं भूतपूर्व सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।



