6.55 करोड़ के धान घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, जशपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में धान उपार्जन प्रणाली को झकझोर देने वाले करोड़ों के घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 6.55 करोड़ रुपये से अधिक के धान घोटाले का मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
यह पूरा मामला तुमला थाना क्षेत्र के कोनपारा धान उपार्जन केंद्र से जुड़ा है, जहां खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान बड़े पैमाने पर धान की हेराफेरी की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कागजों में हजारों क्विंटल धान की खरीदी दिखाई गई, लेकिन वास्तव में वह धान मिलों और संग्रहण केंद्रों तक पहुंचा ही नहीं।
पुलिस के अनुसार, जयप्रकाश साहू बेहद शातिर आरोपी है। एफआईआर दर्ज होते ही वह पहले मध्यप्रदेश के दमोह भागा और फिर पुलिस के दबाव में कोरबा के कुसमुंडा क्षेत्र में छिपता रहा। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार मोबाइल सिम बदलता रहा और परिचितों के नाम से संपर्क करता था, लेकिन जशपुर पुलिस की सतर्कता के आगे उसकी चालाकी काम नहीं आई।
इस घोटाले में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को पहले ही 6 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, समिति प्रबंधक की गिरफ्तारी के बाद भी इस मामले में शामिल चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि कंप्यूटर रिकॉर्ड के अनुसार केंद्र में 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी, जबकि वास्तव में केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही मिलों तक पहुंचा। इस तरह 20,586.88 क्विंटल धान गायब पाया गया। गायब धान और बारदानों की कुल कीमत मिलाकर शासन को 6 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।




