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बहु-फसली खेती से मुकेश कुजूर ने बदली किस्मत, 25 एकड़ खेत बना मुनाफे का मॉडल

रायपुर। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत भीतघरा के प्रगतिशील किसान मुकेश कुजूर बहु-फसली खेती के जरिए खेती को नया और लाभकारी रूप दे रहे हैं। उन्होंने पारंपरिक अनुभव को आधुनिक टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़कर यह साबित किया है कि प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर की गई खेती न सिर्फ पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया भी बन सकती है।

मुकेश कुजूर अपने 25 एकड़ खेत में टमाटर, पत्तागोभी, मक्का, खीरा और गेंदा फूल जैसी फसलें उगा रहे हैं। बहु-फसली पद्धति की खास बात यह है कि एक ही जमीन से सालभर अलग-अलग मौसम में उत्पादन और कमाई दोनों संभव हो रही है। इस तरीके से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, खरपतवार पर नियंत्रण होता है और खेती का जोखिम भी कम हो जाता है।

उन्होंने अपने खेत को नवाचार और प्रयोग का मॉडल बना दिया है। टमाटर की खेती में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर वे कम पानी में बेहतर उत्पादन ले रहे हैं। साथ ही खेतों के बीच मक्का और गेंदा लगाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्रिप तकनीक से पानी की बचत होती है और खाद सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचती है, जिससे लागत घटती है और उत्पादन बेहतर होता है।

मुकेश कुजूर ने बताया कि वे मौसम के अनुसार फसल चयन करते हैं। बरसात में खीरा और गर्मी में मक्का की फसल लेकर वे अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह से वे कीटनाशकों और अन्य कृषि तकनीकों का भी सही उपयोग कर रहे हैं। उनकी यह पहल जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

जो किसान ऐसी आधुनिक और लाभकारी खेती की तकनीकों को समझना चाहते हैं, वे 23 से 25 मार्च तक कुनकुरी, जशपुर में आयोजित कृषि क्रांति एक्सपो में भाग लेकर नई जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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