रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही है। इसी कड़ी में मुंगेली जिले को करीब 65 लाख रुपये की लागत से तैयार आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। इस नई सुविधा के तकनीकी उपयोग और अपराध जांच में इसकी भूमिका को लेकर मुंगेली कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनदर्शन सभाकक्ष में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव मंत्रालय से वर्चुअली जुड़े और हरी झंडी दिखाकर वैन को जिले में सेवा के लिए रवाना किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह हाईटेक फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को नई मजबूती देगी। आधुनिक तकनीकों से लैस यह वैन पुलिस को घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य जुटाने में मदद करेगी, जिससे अपराध अनुसंधान में तेजी आएगी।
बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी क्षमता अपराध मामलों के त्वरित और वैज्ञानिक निराकरण में अहम भूमिका निभाएगी। वहीं एसएसपी भोजराम पटेल ने भरोसा जताया कि यह सुविधा निष्पक्ष और सटीक जांच सुनिश्चित करने में बेहद उपयोगी साबित होगी।
कार्यशाला में फॉरेंसिक एक्सपर्ट ज्योत्सना लकड़ा ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को आधुनिक उपकरणों, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, दस्तावेजीकरण और मौके पर प्राथमिक फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बचत अपील को ध्यान में रखते हुए कई वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।




