छत्तीसगढ़जांजगीर चांंपा

स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा प्राकृतिक पेंट का किया जा रहा निर्माण

जांजगीर चांपा | राज्य शासन द्वारा गोधन से बनने वाले प्राकृतिक पेंट के गुणों को देखते हुए प्रदेश में इसके निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिसके तहत अब जांजगीर-चांपा जिला अंतर्गत बम्हनीडीह विकासखण्ड के ग्राम अफरीद के आदर्श गौठान में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क योजना के तहत गोबर पेंट निर्माण यूनिट की स्थापना की गई है। यह जिले का पहला प्राकृतिक पेंट निर्माण यूनिट है। जनपद सीईओं बम्हनीडीह से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस यूनिट में विश्वा स्व सहायता समूह के द्वारा 120 लीटर प्राकृतिक पेंट का निर्माण भी किया जा चुका है जिसमें से 40 लीटर पेंट से अफरीद के ग्राम पंचायत भवन की पोताई भी की गई है। इसके अलावा आने वाले समय में जिले के अन्य शासकीय भवनों की भी रंगाई पुताई इस प्राकृतिक पेंट से की जाएगी। यह गोबर पेंट इको फ्रेंडली होने के साथ-साथ बैक्टीरिया और फंगस रोधी भी है। गोबर से बने प्राकृतिक पेंट के गुणों को देखते हुये छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त शासकीय भवनों की रंगाई-पुताई हेतु गोबर से बने प्रकृतिक पेंट का उपयोग करने के निर्देश भी दिये गए हैं। जिसके लिए गोबर पेंट निर्माण यूनिट से पेंट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। राज्य शासन द्वारा इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार पहल की जा रही है।
      प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी, गोधन न्याय योजना के तहत गोठनों में गोबर से वर्मी कंपोस्ट के साथ-साथ अन्य उत्पादों का निर्माण महिला स्व सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है।  जिले के कई स्थानों में गोमूत्र से फसल कीटनाशक और जीवामृत भी तैयार किए जा रहे हैं। जिससे जिले में रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक उत्पादों को बढ़ावा देते हुए फसल तैयार किया जा सके। महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क योजना (रीपा) आत्मनिर्भरता और सफलता की एक नई कहानी लिख रही है। जिसके अंतर्गत जिले में अब गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। जहां महिलाएं प्रशिक्षण लेकर स्व सहायता समूह के माध्यम से पेंट का निर्माण कर रही है। गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, पर्यावरण अनुकूल सहित अनेक गुण पाये जाते हैं।

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