पाकिस्तान-आफगानिस्तान सीमा पर नई लड़ाई – काबुल में पाकिस्तान के हवाई हमलों ने तनाव को चरम पर पहुँचाया

27 फरवरी 2026 को दक्षिण एशियाई समयानुसार सुबह पाकिस्तान ने काबुल और अफगानिस्तान के दो अन्य प्रान्तों में एयरस्ट्राइक की है, जो उस समय की गई है जब अफगान सरकार ने पाकिस्तान की सीमापार टुकड़ियों पर हमला किया था। स्थानीय अधिकारियों के बयान के अनुसार, काबुल में कम से कम तीन धमाकों की गूँज सुनी गई है, किन्तु तुरंत किसी हताहत या उनकी स्थिति का पारदर्शी आंकड़ा उपलब्ध नहीं हुआ है। यह सैन्य कार्रवाई एक ऐसे समय में हुई है जब कतर की मध्यस्थता में घोषित संघर्ष विराम तेजी से टूटता दिख रहा है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने बयान जारी किया है कि काबुल पर की गई हवाई कार्रवाई “एक योग्य जवाब” है, और इसे “बेहतरीन रणनीतिक कदम” कहा है। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच खिंचाव सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर सीधा प्रभाव डाल रहा है। विदेशों में बसे विश्लेषकों ने इस कदम को “आक्रामक तनाव वृद्धि” कहा है, क्योंकि इससे पहले कतर के ढांचे में शांति बनाए रखने की कोशिशें तेज थीं।
यह विकास पिछले कुछ महीनों से जारी सीमा विवाद के बीच आया है, जिसमें अफगानिस्तान ने पाकिस्तान आंतरिक इलाकों में नियंत्रण रेखा से परे सैन्य गतिविधियों का आरोप लगाया, तथा पाकिस्तान ने बार-बार “आतंकवादी गतिविधियों” के विरुद्ध जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया। अभी तक न किसी तरफ से विस्तृत स्वतंत्र पुष्टि हुई है और न ही संयुक्त राष्ट्र या किसी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संगठनों का कोई बयान सार्वजनिक हुआ है।
भारत, अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियाँ इस स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं, क्योंकि इस संघर्ष के आगे बढ़ने से दक्षिण और मध्य एशिया में स्थिरता को गंभीर खतरा हो सकता है, जो पहले ही अफगानिस्तान में तालिबान शासन, आतंकवादी समूहों और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।



