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कभी रहा बीजेपी का दबदबा आज कांग्रेस के पास है मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट, अगले साल क्या फिर गूंजेगा इतिहास ?

विधानसभा

रायपुर। विधानसभा सीटों की स्पेशल सीरीज में आज हम बात करने जा रहे हैं हमारे छत्तीसगढ़ की एक महत्वपूर्ण विधानसभा सीट की। यह सीट से मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट आती है। मनेंद्रगढ़ विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले और कोरबा लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है. यह विधानसभा सीट कोरबा के अंतर्गत आती है। कोरबा वही विधानसभा सीट है जहाँ से कांग्रेस पार्टी की ज्योत्स्ना महंत सांसद हैं वो विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत की पत्नी हैं. इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करतीं हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टीके ज्योति नंद दुबे को 26349 मतों से हराया था।

मनेन्द्रगढ़ विधानसभा सीट पर शुरुआत से ही बीजेपी का दबदबा रहा था मगर 2018 में यह दबदबा टूट गया। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद 2003 के विधानसभा चुनाव में यह सीट आदिवासी समुदाय के लिए आरक्षित थी. इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गुलाब सिंह ने बीजेपी के रामलखन सिंह को करारी मात दी थी. कांग्रेस को 45 हजार 515 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी को 33 हजार 989 वोट मिले थे. इस तरह गुलाब सिंह ने रामलखन सिंह के 11 हजार 526 वोटों से मात देकर विधायक बने थे.

इसके बाद इस सीट पर परिसीमन हुआ और साल 2008 में इस विधानसभा सीट को सामान्य घोषित कर दिया गया था जिसके बाद बीजेपी के दीपक पटेल ने एनसीपी के रामानुज को मात दी और बीजेपी का शासन यहाँ रहा। बीजेपी के प्रत्याशी दीपक पटेल ने 30 हजार 912 वोटों से एनसीपी के रामानुज को हराया था जिन्हें दीपक पटेल के खिलाफ सिर्फ 16 हजार 630 वोट ही हासिल हो पाए थे। इस तरह से दीपक पटेल ने रामानुज को 14 हजार 282 मतों से करारी मात दी थी।

वहीं इस सीट पर साल 2013 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस समय यहाँ से कुल एक लाख 25 हजार 551 मतदाता थे. जिनमें से केवल 90 हजार 692 मतदाताओं ने ही वोट कास्ट किया था। यहां 72.24 फीसदी वोटिंग हुई. बीजेपी प्रत्याशी को 32 हजार 613 वोट मिले थे, जो कि कुल वोटों का 35.96 फीसदी था. जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 28 हजार 435 वोट मिले, जो कुल का 31.35 फीसदी था.दिलचस्प बात ये है कि इस सीट पर एनसीपी के उम्मीदवार रामानुज तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 12 हजार 411 वोट मिले, जोकि कुल वोटों का 13.68 फीसदी वोट था. इसी तरह से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के उम्मीदवार पवन कुमार नेती को नौ हजार 729 वोट मिले, जो कुल वोट का 10.75 फीसदी था.

इसके बाद से ही कांग्रेस लगातार इस सीट पर अपनी वापसी के लिए जी तोड़ मेहनत कर रही थी। माना जा रहा था कि गुलाब सिंह पर पार्टी एक बार फिर दांव लगा सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम रमन सिंह के नेतृत्व के सहारे बीजेपी विधायक श्याम बिहारी जायसवाल दूसरी बार जीत को लेकर अश्वस्त थे। लेकिन कांग्रेस की उम्मीदें रंग लाईं और 2018 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने जीत हासिल की। 2018 में मनेंद्रगढ़ में कुल 37 प्रतिशत वोट पड़े। 2018 में कांग्रेस के डॉ. विनय जयस्वाल ने भारतीय जनता पार्टी के श्‍याम बिहारी जायसवाल को 4 वोटों के मार्जिन से हराया था। माना गया कि मौजूदा विधायक दीपक पटेल का टिकट काटकर श्याम बिहारी जायसवाल को मैदान में उतारना बीजेपी को भारी पड़ गया।

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