छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट – वित्तीय अनुमोदनों पर भारी विवाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 28 फरवरी 2026 को वित्तीय अनुमोदनों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बिना विस्तृत विवेचना के महत्वपूर्ण वित्तीय अनुमोदन कर दिए, जिससे विधानसभा का सत्र असमंजस में पड़ गया। विपक्षी विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान तीखे सवाल उठाए और वित्तीय मामलों पर वॉयस-वीटो की मांग की। आरोपों के चलते सत्र के दौरान बहसबाज़ी शुरू हुई और कई बार सभागार में अशांति फैल गई।
विरोधी नेताओं ने कहा कि अनुमोदनों में पारदर्शिता का अभाव है और जनता के हितों को नजरअंदाज किया गया है। इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि सभी प्रक्रियाएं विधान सभा नियमों के अनुरूप हैं और विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा उठा रहा है।
विरोधी दलों के हंगामे के बीच दो बार वॉकआउट किया गया, जिससे सत्र स्थगित हुआ। यह घटनाक्रम राज्य में राजनीतिक उठापटक को और भी बढ़ा सकता है और आगामी चुनावों पर इसका असर पड़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस विवाद को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच उसकी तीव्रता बढ़ सकती है और जनता के बीच सरकार की वित्तीय नीतियों पर बहस और चर्चा गर्म होगी। इसकी प्रतिक्रियाएँ अगले सप्ताह भी जारी रहने की संभावना है।




