बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति गरमाई, नया सर्वे तेजस्वी की टेंशन बढ़ाएगा!

इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होना तय है, लेकिन उससे पहले चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) का बड़ा कदम उठाया है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, राहुल गांधी की अगुवाई में राज्य में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ चल रही है, तो दूसरी ओर नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए चुनावी रणभूमि में पूरी ताकत से उतरने की तैयारी में है।
इसी बीच एक नया चुनावी सर्वे सामने आया है, जिसने महागठबंधन खासकर तेजस्वी यादव की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आज चुनाव होते हैं, तो एनडीए को 136 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन सिर्फ 75 सीटों तक सिमट सकता है। बाकी छह सीटें अन्य दलों के खाते में जाने की उम्मीद है। साथ ही 26 सीटें ऐसी हैं जहां मुकाबला बेहद कड़ा होगा।
पार्टीवार स्थिति देखें तो बीजेपी 64 सीटों पर आगे है और 17 सीटों पर लीड कर रही है। जेडीयू के खाते में 29 सीटें जीतने की संभावना है और दो सीटों पर लीड मिल रही है। एनडीए के अन्य घटक दल छह सीटों पर जीतते दिख रहे हैं और 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
महागठबंधन की ओर से आरजेडी 37 सीटों पर जीत का दावा कर रही है और 15 सीटों पर लीड में है। कांग्रेस आठ सीटों पर जीत रही है तथा दो सीटों पर आगे है। सीपीआईएमएल सात सीटें जीतने में सफल दिख रही है और दो सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। गठबंधन के अन्य सहयोगी दल एक सीट पर विजयी और तीन सीटों पर लीड में हैं।
सर्वे में यह भी पूछा गया कि बिहार में जाति जनगणना से किसे फायदा होगा। 47.1% लोगों ने एनडीए को फायदा बताते हुए जवाब दिया, जबकि महागठबंधन को 37.2% लोगों ने फायदा होने का अनुमान लगाया। 15.7% मतदाताओं ने माना कि स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
इस चुनावी मंथन के बीच राजनीतिक हलचल और सियासी रणनीतियों की जंग और तेज होने वाली है। क्या बिहार की राजनीति में बदलाव आएगा, यह जल्द ही साफ होगा!