देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

अजीत पवार के बाद सुनेत्रा पवार संभालेंगी सत्ता की कमान, महाराष्ट्र को मिलेगी पहली महिला उपमुख्यमंत्री

बारामती की राजनीति एक गहरे शोक के साथ बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। चार्टर्ड विमान हादसे में अजीत पवार के असामयिक निधन के बाद अब सत्ता की बागडोर उनकी पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार के हाथों में आने जा रही है। ‘वाहिनी’ के नाम से पहचानी जाने वाली सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय बालू पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया है और वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं।

28 जनवरी की सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान हुए हादसे में अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। राज्य सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। इस त्रासदी के बाद राजनीतिक उत्तराधिकार की जिम्मेदारी सुनेत्रा पवार को सौंपी गई है। संभावना है कि वह शनिवार शाम को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।

राजनीति में सुनेत्रा पवार की एंट्री हालिया है, लेकिन सफर तेज रहा है। 2024 में उन्होंने बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा, हालांकि जीत नहीं मिली। इसके बाद 18 जून 2024 को वह राज्यसभा की निर्विरोध सदस्य बनीं। फिलहाल वे विधानसभा या विधान परिषद की सदस्य नहीं हैं, इसलिए अजीत पवार के निधन से रिक्त हुई बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़कर सदन में प्रवेश करेंगी।

आर्थिक रूप से सुनेत्रा पवार बेहद सशक्त मानी जाती हैं। 2024 के हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक है, जो अजीत पवार से भी ज्यादा बताई जाती है। उनके बैंक खातों में करीब 6 करोड़ रुपये जमा हैं, 66 लाख रुपये से अधिक के बॉन्ड और शेयर हैं, और लगभग 12 करोड़ रुपये का कर्ज उन्होंने विभिन्न परिजनों व परिचितों को दे रखा है। एलआईसी पॉलिसियों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये है।

व्यवसाय और समाजसेवा में भी उनकी पहचान है। वर्ष 2006 से वे बारामती हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क लिमिटेड की अध्यक्ष हैं, जहां 15 हजार से ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिला है। उनके पास करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की गाड़ियां, खेती के लिए ट्रैक्टर, दो करोड़ से अधिक का सोना-चांदी और महाराष्ट्र के कई शहरों में करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां हैं।

अजीत पवार के जाने से पैदा हुए राजनीतिक शून्य को भरते हुए सुनेत्रा पवार अब सत्ता, संवेदना और जिम्मेदारी—तीनों को एक साथ साधने की चुनौती के सामने हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button