त्योहारी सीजन में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम आदमी की कमर तोड़ने वाला फैसला सुनाते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है! तीन साल से भी ज्यादा समय के बाद हुई इस पहली रेपो रेट बढ़ोतरी के बाद बैंकों से मिलने वाले होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI सीधे आसमान छूने लगेगी। जहां आर्थिक विशेषज्ञ इसे महंगाई पर काबू पाने की अनिवार्य मजबूरी बता रहे हैं, वहीं मध्यम वर्ग और आम जनता इसे सीधे तौर पर अपनी जेब पर डाका मान रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि महंगाई रोकने की आड़ में विकास की रफ्तार और मध्यम वर्ग का बजट क्यों बिगाड़ा जा रहा है? RBI के इस फैसले ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या महंगाई नियंत्रण का सारा बोझ आम नागरिक की जेब ही उठाएगी?
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