मितानिन बहनों की ताकत से मजबूत होगा ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र, स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में लिया गया संकल्प

सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत रामगढ़ में आयोजित स्वास्थ्य पंचायत सम्मेलन में मितानिन बहनों की भूमिका केंद्र में रही। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मितानिनों को सम्मानित करते हुए कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे भरोसेमंद कड़ी मितानिन बहनें हैं, जो सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रही हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार मितानिनों के हर प्रयास में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। सम्मेलन के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
उदयपुर विकासखंड की 59 ग्राम पंचायतों से 389 मितानिन, 20 मितानिन प्रशिक्षक, दो ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर और पांच विकासखंड समन्वयक इस आयोजन में शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर की स्वास्थ्य समस्याओं को चिन्हित कर संबंधित विभागों तक पहुंचाना था।
मितानिनों ने अधिकारियों के समक्ष क्षेत्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों को रखा, पंचायत प्रतिनिधियों को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति को सक्रिय करने पर जोर दिया। जिला समन्वयक अर्चना कुशवाहा ने बताया कि मितानिनें मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के माध्यम से समुदाय को सशक्त बना रही हैं। वहीं विकासखंड समन्वयक गायत्री श्रीवास्तव और मानकुंवर प्रजापति ने उन्हें स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत रीढ़ बताया।
इस वर्ष विभिन्न विभागों से कुल 180 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास, पीएचई, खाद्य, शिक्षा, पुलिस और बैंकिंग से जुड़े मामले शामिल हैं। मंत्री ने सभी आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय मौजूदगी से सम्मेलन और भी प्रभावशाली बन गया।




