सस्ती दवाओं की मिसाल बना सिम्स बिलासपुर का जन औषधि केंद्र, राज्य में मिला सर्वश्रेष्ठ का सम्मान

रायपुर। भारत सरकार की प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) का उद्देश्य आम नागरिकों को महंगी ब्रांडेड दवाओं के बजाय सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत लोगों को 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत में दवाएं मिल रही हैं, जिससे खासकर गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इसी दिशा में उल्लेखनीय कार्य करते हुए सिम्स बिलासपुर में भारतीय रेडक्रास सोसाइटी द्वारा संचालित जन औषधि केंद्र को वर्ष 2024–25 के लिए राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ जन औषधि केंद्र घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में एक प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित कर केंद्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर एवं रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष संजय अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जन औषधि योजना आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इसके माध्यम से जहां लोगों को कम कीमत में दवाएं मिल रही हैं, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार हो रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सिम्स के डीन डॉ. रमनेश मूर्ति ने की। इस अवसर पर रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन डॉ. बी.एल. गोयल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल तथा मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कलेक्टर अग्रवाल ने जन औषधि केंद्र की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि ऐसे केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल रही हैं, जिससे इलाज का खर्च कम हो रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने केंद्र से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ जनसेवा करते रहने की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन रेडक्रास सोसायटी के जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना ने किया।




