छत्तीसगढ़

प्रोजेक्ट उन्नति से ग्रामीणों का हो रहा कौशल विकास

कोण्डागांव, 27 फरवरी 2023

प्रोजेक्ट उन्नति पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग भारत सरकार की ओर से शुरू किया गया एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिससे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महात्मा गांधी रोजगार गारण्टी योजना के द्वारा संचालित किया जा रहा है। जिसमें मनरेगा के अंतर्गत कार्य कर रहे ग्रामीण परिवार के सदस्यों को उनके रूचि के आधार पर प्रशिक्षण देकर उनको रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन की योजनाओं को सफल बनाने एवं योजना के बेहतर क्रियान्वयन की दिशा में छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा सतत् प्रयास कर रही है।
           कोण्डागांव जिला अंतर्गत मनरेगा में पंजीकृत जॉबकार्ड धारियों को जिन्होंने वर्ष 2018-19 में 100 दिन का रोजगार पुर्ण किया है उनको या उनके परिवार के किसी एक सदस्य को जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष है, उन्हें आरसेटी, डीडीयूजीजेवाय एवं केवीके के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रदाय किया जा रहा है। इसके लिए एनआरएलएम के अंतर्गत कार्यरत सक्रिय महिलाओं द्वारा प्रशिक्षणार्थियों का सर्वे कर उनका चिन्हांकन करके कौशल प्रगति में पंजीकृत करने का कार्य किया जा रहा है।

  प्रोजेक्ट उन्नती के तहत् श्रमिकों को उनके रूचि के आधार पर सिलाई मशीन, वेल्डिंग ,अगरबत्ती निर्माण जैसे अन्य कार्यों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण उपरांत हितग्राही अपने निवास स्थान पर ही प्रशिक्षण के अनुरूप अपना स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। सिलाई का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली केशकाल ब्लॉक के ग्राम खेतरपाल की हितग्राही शांति मंडावी बताती हैं कि प्रोजेक्ट उन्नति के तहत वर्ष 2022 में उन्हें सिलाई मशीन कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ था जिसके पश्चात उन्होंने अपने घर में ही सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। वर्तमान में उनका सिलाई का काम बहुत अच्छा चल रहा है जिससे अब तक लगभग 64 हजार रुपए का आय हो चुकी है। इसी प्रकार सिलाई कार्य करने वाली माकड़ी ब्लॉक के ग्राम अनतपुर निवासी मैना मंडावी को अब तक 11 हजार 500 रुपए, फरसगांव ब्लॉक के ग्राम सिरसीकलार निवासी देवकी सोरी को 19 हजार 500 रुपए एवं ग्राम कुम्हारबड़गांव निवासी गंगाबती को 13 हजार रुपए का आय अर्जित कर अपने एवं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में सक्षम हो रही हैं।

        प्रशिक्षण से पहले सभी महिलाएं पारंपरिक  खेती किसानी तथा मनरेगा में मजदूरी कर अपना जीवनयापन करती थी। प्रोजेक्ट उन्नती योजना के तहत् उनके कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान किया गया। प्रशिक्षण उपरांत स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं साथ ही परिवार एवं समाज में अपनी एक अलग पहचान बना रही है।

       प्रोजेक्ट उन्नती को जिले में प्रतिबद्धता के साथ संचालित करना प्रशासन की प्राथमिकता रही है, जिसके जरिये मनरेगा श्रमिकों का कौशल विकास करना है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। जिले के सभी ग्राम पंचायतों के श्रमिकों को इस योजना से लाभ मिल सके जिससे नरेगा श्रमिकों को जीविकोपार्जन के लिए अन्य स्थानों पर भटकना ना पड़े। इसके लिए प्रशासन द्वारा रोजगार सृजन से संबंधित सभी कार्य प्रतिबद्धता के साथ समय पर पूरा किया जा रहा है।

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