730 रुपये से शुरू किया स्टार्टअप, दो छात्राएं मरीन ड्राइव पर 30 रुपए में देती हैं हेल्दी फूड

रायपुर शहर के तेलीबांधा तालाब, मरीन ड्राइव पर सुबह के समय छोटी-छोटी दुकानों में एक अनोखा स्टॉल दिखाई देता है, जहां कॉलेज छात्रा दिशा जंगेल और शिवानी हेल्दी स्प्राउट्स, सलाद और पौष्टिक नाश्ते बेच रही हैं। दिशा बताती हैं कि यह उनका छोटा सा स्टार्टअप है, जिसे शुरू हुए महज तीन हफ्ते हुए हैं। वह साफ कहती हैं कि पैसों की जरूरत नहीं, बल्कि पैशन ने उन्हें पढ़ाई के साथ यह काम करने को प्रेरित किया।
परिवार ने शुरुआत में सपोर्ट नहीं किया। दिशा बताती हैं कि घरवालों ने मना किया क्योंकि पैसे की कोई तंगी नहीं थी, लेकिन दोस्तों के समर्थन और खुद की चाहत ने उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित किया। स्टॉल की शुरुआत बेहद मामूली थी – न टेबल था, न डिब्बे, सिर्फ 730 रुपये का निवेश। वह कहती हैं कि छोटे से स्टार्टअप ने मेहनत और लगन से इतना ग्रो किया, जितना सोचा भी नहीं था।
जागरुकता के लिए हेल्दी फूड का आईडिया आया

शिवानी ने बताया कि उनका मोटिव लोगों को हेल्दी चीजें खाने के लिए जागरूक करना था। वह कहती हैं कि सादा ककड़ी-खीरा बोरिंग लगता है, इसलिए हेल्थ को टेस्ट के साथ पेश किया। कोई भी अनहेल्दी चीज नहीं बेचते, सब हेल्दी और स्वादिष्ट। दोनों खुशी से बताती हैं कि तीन हफ्ते में रिजल्ट शानदार रहा और यहां के लोग बहुत मोटिवेटेड हैं।
दैनिक कमाई 1200-1300 रुपये है, जिसमें 30-40 प्रतिशत मार्जिन रहता है। सुबह 7 से 11 बजे तक स्टॉल लगता है। तैयारी के लिए रात 12-1 बजे तक जागना पड़ता है और सुबह 3 बजे उठकर काटना, उबालना, चटनी पीसना सब करना पड़ता है। दिशा कहती हैं कि आलस आता है, लेकिन ग्राहकों की खुशी और स्वास्थ्य के प्रति उनकी जागरूकता देखकर खुद प्रेरणा मिलती है।
भविष्य के सपने
आगे बड़ा ब्रांड बनाने का प्लान है। वह बताती हैं कि दुकान लेना और नई चीजें ऐड करना चाहती हैं। ऐसे समय में जब चाउमीन-मोमोज की दुकानें आम हैं, ये लड़कियां हेल्दी ऑप्शन देकर समाज को प्रेरित कर रही हैं। दिशा और शिवानी जैसी लड़कियां साबित कर रही हैं कि स्वास्थ्य जागरूकता के साथ स्वरोजगार भी संभव है।



