शेयर बाजार में महाभूकंप: चंद घंटों में डूबे निवेशकों के लाखों करोड़, हाहाकार!

भारतीय शेयर बाजार में पिछले 24 घंटों के दौरान वो मंजर देखने को मिला जिसने बड़े-बड़े दिग्गजों के पसीने छुड़ा दिए। 15 और 16 जुलाई के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली के कारण बाजार खुलते ही चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। इस भारी गिरावट ने आम रिटेल निवेशकों की कमर तोड़कर रख दी है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि यह महज एक सामान्य गिरावट नहीं है, बल्कि यह आर्थिक मोर्चे पर आने वाले बड़े संकट की आहट है। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया गया, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह तबाह हो गया। सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक पर निवेशकों का गुस्सा और हताशा साफ देखी जा सकती है। सरकार और सेबी (SEBI) स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि बाजार में इस समय पैनिक का माहौल है और गिरावट का यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।

